उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत* UPAT न्यूज़ डेस्क:- डॉ कामिनी वर्मा , एसोसिएट प्रोफेसर, काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ज्ञानपुर, भदोही, उत्तर प्रदेश। *यूनान मिस्र रोमा सब मिट गए जहां से, कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी* यह "कुछ बात"विश्व में विशिष्टतम स्थान से विभूषित हमारी संस्कृति में निहित है। जिसने संपूर्ण विश्व को "वसुधैव कुटुंबकम" का मंत्र देकर इसे अपना परिवार मानने का संदेश दिया है। संस्कृति का ही आश्रय लेकर मानव जाति अनादि काल से निरंतर विकास की ओर उन्मुख रही है। मनुष्य की नैतिक, बौद्धिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक उपलब्धियां संस्कृति की संज्ञा से अभिहित की जाती हैं। इसी के चलते भाषा, साहित्य ,लिपि ,कला, तकनीक ,विज्ञान एवं धर्म का उद्भव एवं विकास होता है । सोचने, समझने एवं विचार विमर्श करने की विवेकमय प्राकृतिक शक्ति मनुष्य को संस्कृति की ओर से उन्मुख करती है। और उसे पशुओं से पृथक करती है। राष्ट्र मात्र भौगोलिक और राजनीतिक स्तर पर निर्धारित भूखंड नहीं होता, बल्कि यह अपने आप में विचार और भाव समाहित क...